बिहार में नवनिर्वाचित विधायकों में से 90 फीसदी विधायक करोड़पति हैं और 102 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) के विश्लेषण के अनुसार 243 सदस्यीय विधानसभा में 218 विधायक करोड़पति हैं। इनमें जद (यू) के 78, भाजपा के 77, राजद के 24, लोजपा (आर) के 16, काँग्रेस के छह, एआईएमआईएम के पाँच, हम और आरएएलएमएल के चार-चार विधायक करोड़पति हैं। इनके अलावा माकपा, आईआईपी, बसपा, भाकपा (एमएल) के एक एक विधायक करोड़पति हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 102 विधायकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। इनमें छह के खिलाफ हत्या, 19 के खिलाफ हत्या के प्रयास और नौ के खिलाफ महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामले हैं।
आपराधिक मामलों वाले विधायकों के मामले में भाजपा 43 विधायकों के साथ पहले नंबर पर है और जनता दल (यूनाइटेड) 23 विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर। इनके बाद राष्ट्रीय जनता दल (14), लोजपा-आर (10), एआईएमआईएम (4), काँग्रेस (3) का नंबर है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा, भाकपा (माले), माकपा, आइपी और बसपा के भी एक-एक विधायक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।